प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi STORY

प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi STORY

 एक 25 वर्ष का लड़का ट्रेन में सफ़र करते वक्त खिड़की से बाहर के नज़ारे को देख रहा था|


वह अचानक चिल्लाया – “पापा, वो देखो पेड़ पीछे जा रहे है!”

पिताजी मुस्कराए|

पास में बैठा एक व्यक्ति, लड़के के इस बचपने व्यवहार को देखकर हैरान था और उसे लड़के पर दया आ रही थी|

थोड़ी देर बाद लड़का फिर ख़ुशी से चिल्लाया – “देखो पापा, बादल हमारे साथ चल रहे है!”

अब पास में बैठे व्यक्ति से रहा नहीं गया और उसने कहा – “आप अपने बेटे को किसी अच्छे डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते?”

लड़के के पिता ने कहा – “हम अभी अस्पताल से ही आ रहे है| दरअसल मेरा बेटा जन्म से ही अँधा था और आज ही उसको आँखे मिली है| आज वह पहली बार इस संसार को देख रहा है|”

कहानियां जो जिंदगी बदल दे 

 

प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi STORY

प्रेरणादायक कहानी – 

हाथी – Elephant Rope Story

क्या आपको पता है, जब हाथी का बच्चा छोटा होता है तो उसे पतली एंव कमजोर रस्सी से बांधा जाता है| हाथी का बच्चा छोटा एंव कमजोर होने के कारण उस रस्सी को तोड़कर भाग नहीं सकता| लेकिन जब वही हाथी का बच्चा बड़ा और शक्तिशाली हो जाता है तो भी उसे पतली एंव कमजोर रस्सी से ही बाँधा जाता है, जिसे वह आसानी से तोड़ सकता है लेकिन वह उस रस्सी को तोड़ता नहीं है और बंधा रहता है| ऐसा क्यों होता है?


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ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब हाथी का बच्चा छोटा होता है तो वह बार-बार रस्सी को छुड़ाकर भागने की कोशिश करता है, लेकिन वह कमजोर होने के कारण उस पतली रस्सी को तोड़ नहीं सकता और आखिरकर यह मान लेता है कि वह कभी भी उस रस्सी को तोड़ नहीं सकता| हाथी का बच्चा बड़ा हो जाने पर भी यही समझता है कि वह उस रस्सी को तोड़ नहीं सकता और वह कोशिश ही नहीं करता| इस प्रकार वह अपनी गलत मान्यता अथवा गलत धारणा (Wrong Beliefs) के कारण एक छोटी सी रस्सी से बंधा रहता है जबकि वह दुनिया के सबसे ताकतवर जानवरों में से एक है|


प्रेरणादायक कहानी – 

Bumblebee Story – भौंरा

 

दोस्तों वैज्ञानिकों के अनुसार भौंरे का शरीर बहुत भारी होता है| इसलिए विज्ञान के नियमो के अनुसार वह उड़ नहीं सकता| लेकिन भौंरे को इस बात का पता नहीं होता एंव वह यह मानता है की वह उड़ सकता है| इसलिए वह लगातार कोशिश करता जाता है और बार-बार असफल होने पर भी वह हार नहीं मानता क्योंकि वह यही सोचता है कि वह उड़ सकता है| आखिरकार भौंरा उड़ने में सफल हो ही जाता है|


प्रेरणादायक कहानी –

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दोस्तों इस जीवन में नामुनकिन कुछ भी नहीं , नामुनकिन शब्द मनुष्य ने ही बनाया है| जब टेलीफोन और रेडियो आदि का आविष्कार नहीं हुआ था तो दुनिया और विज्ञान यही मानते थे कि आवाज को कुछ ही समय में सैकड़ो किलोमीटर दूर पहुँचाना नामुनकिन है, लेकिन आज मोबाइल हमारे जीवन का हिस्सा है|


इसी तरह जब तक विमान का आविष्कार नहीं हुआ था तब तक विज्ञान जगत भी यही मानता था कि मनुष्य के लिए आकाश में उड़ना संभव नहीं लेकिन जब राइट बंधुओं ने विमान का आविष्कार किया तो यह “असंभव”, “संभव” में बदल गया 


इसी तरह क्रिकेट की बात ले लीजिये – वनडे क्रिकेट के इतने बड़े इतिहास में वर्ष 2010 तक एक भी दोहरा शतक नहीं लगा लेकिन वर्ष 2010 में सचिन तेंदुलकर के दोहरा शतक लगाने के 4-5 वर्षों में ही 7 और दोहरे शतक (Double Centuries) लग गए| क्या यह मात्र संयोग था? ऐसा क्यों हुआ?


ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि 2010 से पहले जब किसी ने दोहरा शतक नहीं लगाया था तो सभी की मानसिकता यही थी कि दोहरा शतक लगाना बहुत ही मुश्किल है| क्योंकि अभी तक इस रिकॉर्ड को किसी ने नहीं तोडा था तो यह नामुनकिन सा लगता था| लेकिन जब सचिन ने दोहरा शतक लगाया तो सभी की मानसिकता बदल गयी और यह लगने लगा कि दोहरा शतक लगाना मुश्किल है पर नामुनकिन नहीं|

 

इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं (Nothing is impossible in this world),“नामुनकिन” हमारा भ्रम या गलत मान्यता है जो आख़िरकार गलत साबित होती है|

“हम वो सब कर सकते है जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है जो आज तक हमने नहीं सोचा”


 

हम गलत धारणाएँ (Wrong Beliefs) बना लेते है और हमें इसी कारण कोई कार्य मुश्किल या असंभव लगता है|

हम आज जो भी है वह हमारी सोच का ही परिणाम है| हम जैसा सोचते है, वैसा बन जाते है – (We become, what we think)| “असंभव” या “नामुनकिन” (Impossible) हमारी सोच का ही परिणाम है|

“हमारे साथ वैसा ही होता है जैसा हम मानते है और विश्वास करते है|”


भौरा विज्ञान के नियमों के अनुसार उड़ नहीं सकता लेकिन वह मानता है कि वह उड़ सकता है इसलिए वह उड़ जाता है जबकि हाथी कमजोर रस्सी को आसानी से तोड़ सकता है लेकिन वह यह मानता है कि वह उस रस्सी को तोड़ नहीं सकता, इसलिए वह रस्सी को तोड़ नहीं पाता| |

यह हम पर निर्भर करता है कि हमें हाथी की तरह अपनी ही सोच का गुलाम रहना है या भौरे की तरह स्वतंत्र| अगर हम मानते है और स्वंय पर यह विश्वास करते है कि हम कुछ भी कर सकते है तो हमारे लिए नामुनकिन कुछ भी नही

प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi STORY

एक परिवार की कहानी एक घर में गार्जियन के रूप में एक भाई रहता था जिसका नाम था छोटू उसी घर में उसके दो और छोटे छोटे भाई थे जिनका नाम था 

राम और श्याम माता पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी छोटू सारा दिन काम करता और अपने भाई राम और श्याम को अच्छी स्कूल में भेजता धीरे-धीरे समय गुजरता जाता है 

राम और श्याम 20 साल के हो जाते हैं अच्छे स्कूल में छोटू ने भेज कर अच्छा काम किया क्योंकि राम और श्याम दोनों को रेलवे में सिलेक्शन हो गया था और उनको सरकारी नौकरी मिल गई थी 

इससे छोटू बहुत खुश हुआ और अपनी पुरानी बातों को याद करने लगा कि मैंने अपने भाइयों का कितना ख्याल रखा आज मेरे भाई मेरा सपना पूरा कर दिए मैं

 भले से मजदूरी करके इनको पढ़ाया लिखाया परंतु यह अपने पैरों पर खड़ा हो गए मैंने शादी नहीं की कि मेरी बीवी कहीं मुझे अपने भाइयों के खिलाफ भड़काना मैंने शायद जो 

भी डिसीजन लिया वह सही लिया कुछ दिन बाद छोटू ने अपने दोनों भाइयों की शादी कर दी दोनों भाई अपनी बीवियों को लेकर शहर चले गए जहां पर जॉब करते थे छोटू

घर में अकेला हो गया परंतु उसको कोई दुख नहीं था उसे इस बात की खुशी थी कि उसने अपने दोनों भाइयों को एक सक्सेसफुली लाइफ दे दिया था छोटू 

घर में अकेला बनाता खाता रहता और अपनी किसानी करता और थोड़ा बहुत मजदूरी भी करता इसी तरह काफी समय गुजर जाते हैं और एक दिन राम और श्याम घर आते हैं 

और अपने भाई से कहते हैं कि भैया आप इस गांव में क्यों रहते हैं मेरे साथ शहर चलिए जो सुख शहर में है वह गांव में कहां है तभी छोटू बोलता है

 ठीक कह रहे हो तुम लोग परंतु मुझे इस गांव की मिट्टी की खुशबू ही कुछ अच्छी ही लगती है दो-चार दिन तक राम और श्याम रहते हैं और अंदर ही अंदर अपने भाई के साथ गद्दारी कर लेते हैं

 गद्दारी यह की जितनी प्रॉपर्टी रहती है वह सारा अपने नाम पर करा लेते हैं भाई को इसकी भनक लग जाती है परंतु भाई कुछ नहीं बोलता है बल्कि उनको सपोर्ट करता है और कहता है

 ले जाओ यार मेरे आगे पीछे कौन है तुम्हारे आगे पीछे तुम्हारे बीवी बच्चे हैं लेकिन सिर्फ ऊपर के मन से दिल से छोटू आज बहुत दुखी था क्योंकि उसके सारे बनाए हुए सपने टूट चुके थे

 जितना कुछ छोटू सोचा था वह सारे खत्म हो चुके थे कुछ दिन बाद राम और श्याम की जॉब खतरे में आ जाती है घूस लेने के चक्कर में और उन्हें सस्पेंड कर दिया जाता है 

फिर अचानक छोटू के पास राम और श्याम आते हैं और कहते हैं कि भैया हमारी जॉब चली गई है हम क्या करें छोटू कहता है चिंता मत करो मैं हूं 

खाओ पियो और यार रह सकते हो मेरे साथ लेकिन छोटू अब आज के डेट में एक खुद किराए के घर में रहता था भाइयों को अपनी गलतियों का एहसास हुआ और माफी भी 

मांगी अब आप बताएं दोस्तों की माफ करना चाहिए या नहीं आप सभी दोस्तों को अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi STORY प्रेरणादायक कहानी – Motivational Hindi STORY Reviewed by alok kumar on Wednesday, November 25, 2020 Rating: 5

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