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सिंगर अरिजीत सिंह की मां का निधन, चल रहा था इलाज कोरोना से थी संक्रमित

बॉलीवुड सिंगर अरिजीत सिंह की मां निधन, कोरोना संक्रमित होने के बाद चल रहा था इलाज

arijeet mother death
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अरिजित की मां अदिति सिंह का कोरोना के इलाज के दौरान हुआ निधन.

कोरोना हर दिन अपनों को अपनों से छीन रहा है. भारत का कोई भी कोना अब इस वायरस के प्रकोप से अछूता नहीं है. प्रतिदिन कहीं ना कहीं से कोरोना से जानहानी के बुरे समाचार सामने आ जाते हैं.आज दुखद समाचार आया है बॉलीवुड सिंगर अरिजीत सिंह के यहां से. अरिजित की मां अदिति सिंह का कोरोना के इलाज के दौरान निधन हो गया है. वो 52 साल की थीं. 19 मई की रात तकरीबन 11 बजे उन्होंने कोलकाता के AMRI अस्‍पताल में अंतिम सांस ली. अदिति सिंह पिछले कुछ हफ़्तों से बीमार चल रहीं थीं. कुछ दिनों पहले अदिति सिंह को कोरोना के लक्षण दिखे थे, जिसके बाद सोमवार 17 मई को उन्होंने अपना टेस्ट करवाया था जो की निगेटिव निकला था. बावजूद इसके उनमें कोरोना के लक्षण एकदम साफ़ दिख रहे थे और उनकी हालत हर दिन बिगड़ रही थी. हॉस्पिटल के अनुसार अदिति सिंह की डेथ ब्रेन स्ट्रोक आने से हुई है.

#स्वास्तिका मुखर्जी ने मांगी थी मदद

अरिजीत की माता जी के खराब स्वास्थ्य की खबर सबसे पहले तब लगी थी जब ‘पाताल लोक, ‘ब्योमकेश बक्शी’,’दिल बेचारा’ जैसी शोज़ और फ़िल्मों की एक्ट्रेस स्वास्तिका मुखर्जी ने 6 मई को अपने इन्स्टाग्राम हैंडल पर स्टोरी लगा कर लोगों से अरिजीत सिंह की मां के लिए ए नेगेटिव मेल ब्लडडोनर ढूँढने की बात कही थी. विद्या बालन स्टारर ‘बेगम जान’ के डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी ने भी ट्वीट कर अरिजीत की मां के लिए ब्लड डोनर ढूँढने की बात ट्विटर पर लिखी थी. आज श्रीजीत ने ही अरिजीत की माता  के देहांत की पुष्टि करते हुए एबीपी न्यूज़ से कहा,


“अरिजीत, मैंने और इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की. मगर अफसोस की हम अरिजित की‌‌ मां को बचा नहीं पाए. सेरेब्रल (ब्रेन) स्ट्रोक के चलते बुधवार को उनका निधन हो गया.”


स्वास्तिका और श्रीजीत के ट्वीट के बाद अरिजीत सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा,


“मेरी उन सभी से गुज़ारिश है जो इस वक़्त मेरी मदद कर रहे हैं. कृपया अत्याधिक कोशिश ना करें, सिर्फ़ इस वजह से क्योंकि आपको अरिजीत सिंह नाम दिखता है. हम इस बर्बादी से तब तक नहीं उठ पायेंगे, जब तक हम हर एक शख्स की इज्ज़त करना नहीं सीख जाते. मैं उन सबका शुक्रगुज़ार हूं जिन्होंने आगे आकर मेरी मदद की मगर याद रखें हम सब इंसान हैं और हर एक इंसान महत्वपूर्ण है.”


20 मई की सुबह अदिति सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए कोलकाता से जियागंज मुर्शिदाबाद ले जाया गया. हमारी तरफ़ से आदिती सिंह जी को श्रद्धांजलि और अरिजीत और पूरे सिंह परिवार को सांत्वना.


अब तक 49 शव बरामद, अभी 26 की तलाश समुद्र में रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन


नेवी के रेस्क्यू मिशन को 60 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। अब लापता लोगों की तलाश में नेवी के टोही विमान को लगाया गया है।



चक्रवाती तूफान ‘ताऊ ते’ के चलते समुद्र में डूबे जहाज बार्ज P-305 पर रेस्क्यू ऑपेरशन का आज चौथा दिन है। अब तक जहाज पर सवार 49 लोगों के शव नेवी को मिले हैं। 26 लापता की तलाश जारी है। INS कोच्चि समेत 5 INS जहाज रेस्क्यू मिशन में लगे हैं।


रेस्क्यू मिशन को 60 घंटे से ऊपर बीत चुके हैं। बार्ज P-305 पर 261 लोग सवार थे। नेवी ने पहले ये आंकड़ा 273 बताया था। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है।


टोही विमान P-81 की मदद से जारी है तलाशी अभियान

लहरों में लापता हुए नाविकों की तलाश के लिए नौसेना के विमान और हेलिकॉप्टर करीब 60 घंटे से ज्यादा की उड़ान भर चुके हैं। नौसेना अब अपने टोही विमान P-81 की मदद ले रही है। तीन P-81 विमान तमिलनाडु एयर बेस से उड़ान भरकर मुंबई के समुद्र में नाविकों की तलाश में जुटे हैं। P-81 आसमान में रह कर समुद्र की गहराई की हर हलचल का आसानी से पता लगाने में सक्षम है।


नेवी के हेलिकॉप्टरों की सहायता से रेस्क्यू का काम किया जा रहा है।

जहाज मुंबई के समुद्र तट से करीब 88 किलोमीटर दूर हीरा ऑइल फील्ड्स के इलाके में डूबा है। नौसेना 80 से 100 किमी के क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है। आसमान से तलाश जारी रखने के लिए 6 हेलिकॉप्टर और 3 विमान की मदद ली जा रही है। INS कोच्चि और कोलकाता के अलावा, INS तेग, INS बेतवा और INS ब्यास भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।


समुद्र की लहरों में फंसे अन्य तीन जहाज के सभी लोग सुरक्षित

इससे पहले तीन अन्य जहाज, GAL कंस्ट्रक्टर पर 137 लोग फंसे थे, इन सभी को रेस्क्यू कर लिया गया है। बार्ज SS-3 पर 202 और सागर भूषण पर 101 लोग फंसे हैं। नेवी के मुताबिक, ये सभी लोग सुरक्षित हैं और इन्हें खाना-पानी जैसी चीजें मुहैया कराई गई हैं।


समुद्र में फंसे 4 जहाज, उनमें सवार लोगों की स्थिति


नेवी के मुताबिक, यह चार दशक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन है।

ONGC ने चेतावनी को किया नजरअंदाज, दर्ज हो केस: मलिक


P 305 की दुर्घटना पर NCP नेता और प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि चक्रवात को लेकर राज्य और IMD के कई अलर्ट के बाद भी ONGC ने इसे नजरअंदाज किया। 600 कामगारों की जिंदगी खतरे में थी। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर नहीं पहुंचाया गया। इसकी वजह से लोगों की जान गई और कई अभी भी लापता हैं। जो अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन पर IPC की धारा 304 लगाई जानी चाहिए। उन्हें सजा मिलनी चाहिए।


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